F-35 से भी आगे निकलेगा भारत का AMCA Fighter Jet?

भारत अब केवल दुनिया के बड़े देशों से हथियार खरीदने वाला खरीदार नहीं रहना चाहता, बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों की एलीट लिस्ट में शामिल होने की तैयारी कर रहा है, जो खुद के Fifth Generation Stealth Fighter Jets विकसित करते हैं। इसी कड़ी में भारत का सबसे महत्वाकांक्षी रक्षा प्रोजेक्ट AMCA Fighter Jet अब एक नए और बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच चुका है।

हालिया मीडिया रिपोर्ट्स और डिफेंस अपडेट्स के अनुसार, भारत का दावा है कि इस स्वदेशी फाइटर का पहला प्रोटोटाइप महज 24 महीनों में तैयार हो जाएगा और अगले 30 महीनों के भीतर यह अपनी पहली उड़ान (First Flight) भी भर सकता है। इस हैरान करने वाली टाइमलाइन की वजह से अब वैश्विक स्तर पर इसकी तुलना अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान F-35 Lightning II से होने लगी है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि अमेरिका के F-35 के मुकाबले भारत का AMCA Fighter Jet कितना ताकतवर होगा और क्या भारत सचमुच इस नामुमकिन सी दिखने वाली टाइमलाइन को हासिल कर पाएगा।

F-35 Lightning II: अमेरिका की आसमानी ताकत

जब बात फिफ्थ जनरेशन स्टील्थ फाइटर्स की आती है, तो अमेरिका का F-35 सबसे ऊपर नजर आता है। अमेरिकी कंपनी Lockheed Martin द्वारा विकसित यह विमान मौजूदा समय में दुनिया का सबसे सफल स्टील्थ प्लेटफॉर्म है।

  • अत्याधुनिक तकनीक: F-35 बेहतरीन स्टील्थ डिजाइन, सेंसर फ्यूजन (Sensor Fusion), एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और नेटवर्क-सेंट्रिक कॉम्बैट सिस्टम से लैस है।
  • लंबा विकास सफर: इस फाइटर जेट को पूरी तरह से विकसित और कॉम्बैट-रेडी करने में अमेरिका को दो दशक (20 साल) से ज्यादा का वक्त लगा और इसका बजट सैकड़ों अरब डॉलर तक पहुंच गया।
  • स्पीड और मारक क्षमता: F-35 की अधिकतम रफ्तार लगभग Mach 1.6 (करीब 1900 किमी/घंटा) है और इसकी कॉम्बैट रेंज 2200 किलोमीटर के आसपास है। यह एडवांस AESA रडार और AI-बेस्ड बैटल मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए दुश्मन को बिना दिखे तबाह कर सकता है।
  • वैश्विक उपस्थिति: वर्तमान में अमेरिका के अलावा ब्रिटेन, इजरायल, जापान और कई NATO देश इसका सक्रिय रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं।

भारत का AMCA Project: प्राइवेट सेक्टर और HAL की जुगलबंदी

भारत का AMCA Fighter Jet केवल एक नया एयरक्राफ्ट नहीं है, बल्कि यह देश के पूरे Defence Ecosystem को बदलने वाला गेम-चेंजर साबित होने वाला है। इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल सरकारी कंपनी HAL (Hindustan Aeronautics Limited) पर निर्भर रहने के बजाय भारत सरकार ने Private Sector को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

खबरों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में भारत की दिग्गज प्राइवेट कंपनियां जैसे:

  1. Tata Advanced Systems
  2. Larsen & Toubro (L&T)
  3. Bharat Electronics Limited (BEL)
  4. Bharat Forge

इन कंपनियों की भागीदारी से यह साफ है कि भारत में पहली बार डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को पीपीपी (PPP) मॉडल के जरिए इतनी बड़ी वैश्विक पहचान दी जा रही है।

AMCA Fighter Jet की तकनीकी खासियतें: क्या यह F-35 से बेहतर होगा?

तकनीकी तौर पर भारत का यह विमान एक Twin-Engine (दो इंजनों वाला) Fifth Generation Stealth Fighter होगा। इसमें कई ऐसी खूबियां होंगी जो इसे F-35 से भी आगे खड़ा कर सकती हैं:

  • Supercruise Capability: F-35 सिंगल-इंजन विमान है, जबकि AMCA Fighter Jet में दो इंजन होंगे जो इसे बेहतर थ्रस्ट और सर्वाइवेबिलिटी प्रदान करेंगे। इसके अलावा, यह विमान बिना आफ्टरबर्नर ऑन किए भी सुपरसोनिक स्पीड (ध्वनि की रफ्तार से तेज) से उड़ान भर सकेगा, जिसे ‘सुपरक्रूज’ कहते हैं। F-35 में यह क्षमता सीमित है।
  • रफ्तार: इस विमान की अधिकतम स्पीड Mach 2 के आसपास होने का अनुमान है, जो अमेरिका के F-35 (Mach 1.6) से काफी अधिक है।
  • स्टील्थ और वेपन्स: इसमें ‘इंटरनल वेपन्स बे’ (Internal Weapons Bay) होगी, ताकि हथियार विमान के अंदर छिपे रहें और दुश्मन के रडार की स्क्रीन पर यह विमान दिखाई न दे।
  • भविष्य की तकनीक: इसमें स्वदेशी रूप से विकसित उत्तम (Uttam) AESA रडार, IRST (इन्फ्रारेड सर्च एंड ट्रैक) सिस्टम और भविष्य में डायरेक्टेड बनर्जी वेपन्स (लेजर गन) तथा Manned-Unmanned Teaming (MUT) जैसी छठी पीढ़ी की तकनीकों को भी शामिल करने की योजना है।

15,000 करोड़ का RFP और 30 महीनों का चैलेंज

इस प्रोजेक्ट को लेकर हाल ही में सबसे बड़ी खबर तब आई जब भारत की Aeronautical Development Agency (ADA) ने इसके लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये का RFP (Request for Proposal) जारी किया। इस टेंडर के तहत चुनी जाने वाली कंपनी को 5 प्रोटोटाइप विमान और एक स्ट्रक्चरल टेस्ट स्पेसिमेन तैयार करना होगा।

इस टेंडर में जो टाइमलाइन तय की गई है, उसने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है:

प्रोटोटाइप (Prototype)टाइमलाइन (अनुमानित उड़ान/तैयारी)
पहला प्रोटोटाइपकॉन्ट्रैक्ट के 24 महीने में तैयार, 30 महीने में पहली उड़ान
दूसरा प्रोटोटाइप37 महीने में उड़ान
चौथा प्रोटोटाइप46 महीने में उड़ान
चौथा प्रोटोटाइप52 महीने में उड़ान
पांचवां प्रोटोटाइप64 महीने में उड़ान

क्या वाकई AMCA Fighter Jet की टाइमलाइन मुमकिन है?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फिफ्थ जनरेशन फाइटर जेट के लिए 30 महीने की टाइमलाइन रखना एक बेहद महत्वाकांक्षी और चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है। अमेरिका, चीन और रूस जैसे देशों को भी अपने स्टील्थ प्रोग्राम को जमीन से आसमान तक ले जाने में कई साल लग गए थे।

हालांकि, भारत इस मामले में LCA Tejas प्रोजेक्ट के अपने दशकों पुराने अनुभवों का फायदा उठा रहा है। साथ ही, डिजिटल डिजाइनिंग और आधुनिक सिमुलेशन तकनीकों की मदद से डेवलपमेंट टाइम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

यदि भारतीय एयरोस्पेस इंडस्ट्री और प्राइवेट सेक्टर मिलकर इस समयसीमा को हासिल कर लेते हैं, तो यह वैश्विक रक्षा इतिहास में किसी चमत्कार से कम नहीं होगा। AMCA Fighter Jet न केवल भारतीय वायुसेना (IAF) की ताकत में चार चांद लगाएगा, बल्कि भविष्य में रक्षा निर्यात (Defence Export) के मामले में भी भारत को एक ग्लोबल सुपरपावर बना देगा।

AMCA Fighter Jet: चीन और पाकिस्तान को कैसे करेगा काउंटर?

स्वदेशी AMCA Fighter Jet भविष्य में भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए ‘टू-फ्रंट वॉर’ (Two-Front War) की चुनौतियों से निपटने में सबसे बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा। वर्तमान में चीन के पास J-20 जैसा फिफ्थ-जनरेशन स्टील्थ फाइटर मौजूद है, जबकि पाकिस्तान भी चीनी मदद से पांचवीं पीढ़ी के विमान हासिल करने की कोशिश में है। ऐसे में, भारत का यह लड़ाकू विमान अपनी उन्नत स्टील्थ टेक्नोलॉजी (रडार से बचने की क्षमता), एडवांस सुपरक्रूज स्पीड और बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल सिस्टम के दम पर सीमा पर रणनीतिक संतुलन (Strategic Balance) को पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ देगा। दो इंजन वाले इस शक्तिशाली विमान की वजह से चीन और पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र में किसी भी हिमाकत का जवाब देना नामुमकिन हो जाएगा।

Source : EurAsian Time

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