भारतीय सेना अपनी बख्तरबंद क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए T-72 Tank Upgrade India कार्यक्रम पर तेजी से काम कर रही है। इस योजना के तहत दशकों पुराने T-72 टैंकों को आधुनिक तकनीकों से लैस किया जाएगा ताकि वे भविष्य के युद्धक्षेत्र में भी प्रभावी बने रहें। भारतीय सेना के पास 2,000 से अधिक T-72 टैंक हैं, जो लंबे समय से देश की बख्तरबंद ताकत की रीढ़ माने जाते हैं। चीन और पाकिस्तान से मिलने वाली चुनौतियों को देखते हुए इन टैंकों का आधुनिकीकरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
T-72 Tank Upgrade India के तहत क्या बदलाव होंगे?
सेना की ‘प्रोजेक्ट राइनो’ योजना के तहत T-72 टैंकों में अधिक शक्तिशाली इंजन, आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम, थर्मल इमेजिंग साइट्स, नाइट फाइटिंग क्षमता और बेहतर सुरक्षा प्रणाली जोड़ी जाएगी। इन सुधारों से टैंकों की मारक क्षमता, गतिशीलता और दुश्मन के हमलों से बचाव की क्षमता में बड़ा सुधार होगा। इसके अलावा कुछ T-72 टैंकों को भविष्य में मानव रहित कॉम्बैट व्हीकल में बदलने की संभावना पर भी काम किया जा रहा है।
चीन और पाकिस्तान के खिलाफ क्यों महत्वपूर्ण है T-72 Tank Upgrade India?
विशेषज्ञों का मानना है कि T-72 Tank Upgrade India कार्यक्रम भारतीय सेना को सीमावर्ती क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बढ़त दे सकता है। चीन सीमा के ऊंचाई वाले इलाकों और पाकिस्तान सीमा के रेगिस्तानी क्षेत्रों में तैनात बख्तरबंद इकाइयों को इससे नई ताकत मिलेगी। नए टैंकों की खरीद की तुलना में मौजूदा T-72 बेड़े का आधुनिकीकरण अधिक किफायती और व्यावहारिक विकल्प है। यही कारण है कि भारतीय सेना आने वाले वर्षों में T-72 टैंकों को आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
Reference : Eye on China, Pakistan: India plans major battlefield upgrade for ageing T-72 tanks | The Times of India